एलर्जी के कारण, और घरेलू इलाज

Les causes, symptômes et traitement des allergies à la poussière en hindi Hyderabd040-395603080 13 novembre 2019

हर, कितना चार चार , है। विषय इसलिए, धूल साथ पास इस। से एलर्जी हैं। होने चाहिए।

, अब बात करते हैं एलर्जी में। हम करेंगे।

सूची

Causes de l'allergie à la poussière en hindi

M एलर्जी सबसे जिसे, जिसे डस्ट (acariens) कणों में सूक्ष्मजीव (), से हैं। ,, इस प्रकार हैं (1) (2).

कॉकरोच: छोड़े बैक्टीरिया (बैक्टीरिया), पैदा करते हैं। कण है।

मोल्ड (Moule): में फंगस है। घर हर न। में रहते हैं। पर, नमी, बढ़ते। एलर्जी है।

के बाल व रूसी (phanères d'animaux): जैसे

पराग: वसंत,। नाक हैं। अलावा,-। हे फीवर (rhume des foins) से जाता है है।

एलर्जी

Symptômes de l'allergie à la poussière en hindi

एलर्जी।। डस्ट बारे में (3) (4) (5).

  • आना
  • का भरा होना
  • और कमजोरी
  • में सूजन
  • खांसी
  • , और गले में खुजली होना
  • और पानी से भरी आंखें
  • के नीचे काले घेरे
  • जैसे लक्षण
  • होना में कमी
  • में खराश
  • और चिड़चिड़ापन
  • सिरदर्द
  • पर लाल चकत्ते

एलर्जी क्या धूल करेंगे।

Remèdes à la maison pour l'allergie à la poussière en hindi

1. का सिरका

सामग्री:
  • चम्मच सेब का सिरका
  • 1 गर्म पानी
  • शहद (वैकल्पिक)
का तरीका:
  • मिलाएं।
  • लिए-सकते हैं हैं
  • का सेवन 1 से 2 किया जा सकता है।
लाभदायक है:

का सिरका (साइडर विनेगर) का होता है। में (6). इसमें एंटीबैक्टीरियल (एंटीबैक्टीरियल) भी होते हैं (sept) (8). मोल्ड (6).

2. ऑयल

सामग्री:
  • (Eucalyptus) ऑयल 3 4 बूंदें
का तरीका:
  • लैवेंडर डालें।
  • इसकी हैं।
  • को आप रोजाना 1 2 दोहरा सकते हैं।
लाभदायक है:

एलर्जी।। ही तेलों इंफ्लेमेटरी An (analgésique) होते हैं। इंफ्लेमेटरी (9) (dix). का (11).

3.

सामग्री:
  • चम्मच कच्चा शहद (miel brut)
का तरीका:
  • चम्मच है।
  • कप है।
  • से है।
लाभदायक है:

वजह। NCBI, le système de gestion de réseau, le système de gestion de réseau, le système de gestion de réseau (12). , भी इंफ्लेमेटरी माइक्रोबियल हैं।। एलर्जी हैं(13).

4.

उपकरण होते, हैं। हम आपको , है (14).

5.

सामग्री:
  • चम्मच हल्दी
  • कप दूध
  • चुटकी काली मिर्च
  • शहद (वैकल्पिक)
का तरीका:
  • दूध मिलाएं।
  • में इसे लें।
  • ठंडा शहद मिलाएं।
  • मिश्रण को लें।
लाभदायक है:

से है। आयुर्वेद है। , केमिकल मौजूद (15). मौजूद करता है। बढ़ाने सकता है (16).

6.

सामग्री:
  • ताजा एलोवेरा
का तरीका:
  • के लें।
  • लें।
  • से कर लें।
  • समय हैं।
  • एक जूस पिएं।
  • से हैं।
  • होने
लाभदायक है:

अपने है। इसलिए, है। इंफ्लेमेटरी गुण, होते हैं (17) (18) (19).

7. पॉट (pot Neti)

सामग्री:
  • नेती पॉट (pot Neti)
  • का पानी
का तरीका:
  • गुनगुने पानी 1 चम्मच नमक डालें।
  • अब पानी लें।
  • होने दें।
  • की।।
  • बाईं तो
  • ही जाएगा।
  • नासिका दोहराएं।
  • को है।

नोट: को, योग्य करें करें से है।

लाभदायक है:

में जाता है। न (20). बेकिंग सकता है (21). त्वचा है। और घोल (ठीक) है (22).

8. (menthe poivrée)

सामग्री:
  • चम्मच सूखे पुदीना के पत्ते
  • 1 गर्म पानी
  • शहद
का तरीका:
  • गर्म मिलाएं।
  • को 5 रहने दें।
  • चाय होने दें।
  • शहद डालकर सेवन करें।
  • बार है।
लाभदायक है:

मौजूद। पुदीने (23) (24) (25).

9. लीफ

सामग्री:
  • 1 सूखे नेटल (बिच्छू) के पत्ते
  • 1 पानी
  • शहद
का तरीका:
  • में उबालें।
  • 5 लिए लें।
  • थोड़ी ठंडी, स्वादानुसार शहद मिलाकर पिएं।
  • 2 3 है।
लाभदायक है:

में हिस्टामाइन जो यह।। एंटी इंफ्लेमेटरी हैं (26).

10. टी

सामग्री:
  • 1 टी बैग
  • 1 गर्म पानी
  • शहद
का तरीका:
  • गर्म 5-10 -10 लिए लिए डालें।
  • थोड़ी ठंडी, शहद मिलाकर पिएं।
  • को है।
लाभदायक है:

में हैं। एलर्जी सकता है (27). यह (28).

11. घी

सामग्री:
  • चौथाई चम्मच घी
  • गुड़ (वैकल्पिक)
का तरीका:
  • रही चौथाई।
  • के है।
  • डस्ट एलर्जी, को है।
लाभदायक है:

है। को कर सकता है (29).

12. टी

सामग्री:
  • हर्बल टी (तुलसी, अदरक)
  • शहद (वैकल्पिक)
का तरीका:
  • गर्म दें।
  • तीन बैग बैग लें।
  • गरमा गरम लें।
  • स्वाद तो जा है।
लाभदायक है:

, अदरक, बूटियों एंटी इंफ्लेमेटरी, और हैं। अलावा, है। के राइजोम (Rhizomes) एलर्जी सकता है (30). भी एंटीइंफ्लेमेटरी जो (31). स्पष्ट। , नहीं, टी।।

, धूल, इस डाल हैं।

से एलर्जी का इलाज – Traitement de l'allergie aux poussières en hindi

से समय प्रकार,।

एलर्जी

Conseils de prévention pour l'allergie à la poussière en hindi

इलाज (33) (34).

  • कंट्रोल करें।
  • मॉइस्चर न दें। और तो तो दें।
  • पानी (130 ° F)।।
  • फाइबर, है।
  • टू लिनोलियम टाइल्स लगाएं।
  • में, धुलाई करते रहें
  • का स्तर 50% बनाए रखें।
  • मौजूद।।
  • के करें।

एलर्जी, यह सी सावधानी,-। अब हम लेख में आगे पाठकों द्वारा पूछे गए कुछ सवालों के जवाब देंगे। अगर इनके अलावा कोई अन्य सवाल आपके मन में हों, तो आप नीचे दिए गए कॉमेंट बॉक्स के माध्यम से हमें भेज सकते हैं। अपने प्रियजनों को डस्ट एलर्जी से बचाने के लिए इस लेख को उनके साथ जरूर साझा करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

धूल एलर्जी के कारण आने वाली छींक को कैसे रोकें?

घर में मौजूद एयर फिल्टर को बदलने से थोड़ी राहत मिल सकती है। अगर घर में पालतू जानवर है, तो उसे घर के बाहर ही रखें। घर की सभी चादर को धोएं और घर को धूल मुक्त करें। धूल या पराग की वजह से एलर्जी होने पर आप मास्क का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। फिर भी अगर लगातार छींक आ रही है, तो आप कुछ देर के लिए घर से बाहर निकल जाएं। बाहर जाने के बाद छींक रूक जाती है, तो समझ जाएं कि ये सब घर में मौजूद मोल्ड व डेंडर की वजह से हो रहा है। ऐसे में घर की क्लिनिंग जरूरी है (34)।

डस्ट एलर्जी के लिए सबसे अच्छी दवा क्या है?

आमतौर पर एलर्जी के लिए जो दवाई लेने की सलाह दी जाती है, वो कुछ इस प्रकार हैं (35):

  • एंटिहिस्टामाइन्स (Antihistamines)
  • स्टेरॉयड (कॉर्टिकोस्टेरॉइड – Corticosteroids)
  • ल्यूकोट्रिएन रिसेप्टर एंटागोनिस्ट (Leukotriene receptor antagonists)
  • क्रोमोन्स (मास्ट सेल स्टेबलाइजर्स)
  • डीकन्जेस्टेंट नेसल ड्रॉप और स्प्रे

नोट: किस वजह से एलर्जी हुई है, इस बात को ध्यान में रखते हुए डॉक्टर ही सटीक दवा दे सकते हैं।

क्या आप लाइजोल से डस्ट माइट्स को मार सकते हैं?

माना जाता है कि लाइजोल कीटाणुओं को मारने के साथ ही डस्ट माइट्स को भी खत्म करने में मदद कर सकता है। दरअसल, इसमें कीटाणुनाशक गुण मौजूद होते हैं। इसलिए, डस्ट एलर्जी पैदा करने वाले मोल्ड्स, माइट्स और अन्य कणों पर यह प्रभावकारी माना गया है (36) (37) (38)।

घर में किन चीजों से एलर्जी हो सकती है?

इस लेख में ऊपर बताया गया है कि घर में मौजूद धूल, माइट्स, कॉकरोच, जानवरों के बाल, डैंड्रफ, डेड सेल्स आदि एलर्जी का कारण हो सकते हैं। कई बार घर के आस-पास मौजूद पेड़, फूल और पौधों के पराग भी एलर्जी की वजह बन जाते हैं।

मौसमी (सीजनल) एलर्जी क्या होती है?

मौसमी एलर्जी को हे फीवर या एलर्जिक राइनाइटिस भी कहा जाता है। इस दौरान इम्यून सिस्टम ऐसी चीजों पर प्रतिक्रिया करने लगता है, जो हानिकारक या परेशानी का कारण नहीं होती हैं। खासकर, मौसमी व सीजनल एलर्जी पेड़-पौधों के पराग की वजह से होती हैं। उदाहरण के लिए – जैसे ही आम का सीजन आता है, तो पेड़ में आम लगने से पहले उसमें लगने वाले फूल की वजह से पूरी हवा में पराग घुल जाता है, जिस वजह से एलर्जी हो सकती है। इसके लक्षणों में छींकना, खांसी, बहती या भरी हुई नाक और आंख, नाक, मुंह व गले में खुजली शामिल हो सकती है (39)।

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विनिता पंगेनी ने एनएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में बीए ऑनर्स और एमए किया है। टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में काम करते हुए इन्हें करीब चार साल हो गए हैं। इन्हें उत्तराखंड के कई पॉलिटिकल लीडर और लोकल कलाकारों के इंटरव्यू लेना और लेखन का अनुभव है। विशेष कर इन्हें आम लोगों से जुड़ी रिपोर्ट्स करना और उस पर लेख लिखना पसंद है। इसके अलावा, इन्हें बाइक चलाना, नई जगह घूमना और नए लोगों से मिलकर उनके जीवन के अनुभव जानना अच्छा लगता है।

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